कितना कष्ट है सबका जीवन चतुरंग, उतना ही संक्लिष्ट है दैनंदिन रणरंग कितना कष्ट है सबका जीवन चतुरंग, उतना ही संक्लिष्ट है दैनंदिन रणरंग
उमंगों के फिर कमल खेलेंगे जीवन में नवरंग घुलेंगे। उमंगों के फिर कमल खेलेंगे जीवन में नवरंग घुलेंगे।
क्या करूं की हर आलम में वो समा रहीं है वो आ रही है वो आ रही है। क्या करूं की हर आलम में वो समा रहीं है वो आ रही है वो आ रही ह...
कई नए रूप पर वहीं पुराना अंदाज, झूठे तथ्यों से रचा गया सच्चा प्रेम। कई नए रूप पर वहीं पुराना अंदाज, झूठे तथ्यों से रचा गया सच्चा प्रेम।
आ भर दे मेरे एहसासों को, चढ़ा अपना रंग आ भर दे मेरे एहसासों को, चढ़ा अपना रंग
सलाम करने कि आरजू है, क्यो न तूझको सलाम कर लूं!।। सलाम करने कि आरजू है, क्यो न तूझको सलाम कर लूं!।।